हर साल 31 मई को World No Tobacco Day मनाया जाता है। इस दिन लोगों को धूम्रपान की लत छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। हालांकि स्मोकिंग को लेकर लोगों के बीच कई तरह के मिथक हैं, जिन्हें लोग सच मानते हैं। आज 'नो स्मोकिंग डे' पर हम आपको ऐसे ही कुछ मिथकों की सच्चाई बता रहे हैं। इसके लिए हमने डॉक्टर से बात की है और जाना कि आखिर ऐसे मिथकी की सच्चाई क्या है जो लोगों को धूम्रपान की लत से बाहर नहीं निकलने देते हैं। आइये जानते हैं शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी का इन मिथक पर क्या कहना है?
मिथक- स्मोकिंग छोड़ने से डिप्रेशन में चले जाएंगे।
सच्चाई- ऐसा नहीं है कि सिगरेट छोड़ने से आप डिप्रेशन में चले जाएंगे। दरअसल जब आप स्मोकिंग करते हैं तो शरीर में निकोटिन की मात्रा बढ़ जाती है। जब आप स्मोकिंग छोड़ते हैं तो निकोटिन का लेवल कम होने से फटीग, थकान, किसी काम में मन न लगना ऐसी चीजें महसूस होती हैं। स्टडीज में पाया गया है कि स्मोकिंग छोड़नेसे आपका मेंटल स्टेटस और अच्छा हो जाता है और आम पहले से ज्यादा मेंटली स्ट्रॉंग बनते हैं।
मिथक- स्मोकिंग छोड़ने से काम और क्रिएटिविटी कम हो जाएगी।
सच्चाई- ऐसा नहीं है कि स्मोकिंग छोड़ने से आपके काम करने की क्षमता कम हो जाएगी। बल्कि आप बीच-बीच में स्मोकिंग के लिए नहीं उठेंगे। काम को पूरे ध्यान से कर पाएंगे। इससे आपकी क्रिएटिविटी और बढ़ेगी। आपका रुटीन अच्छा रहेगा तो काम ज्यादा कर पाएंगे।
मिथक- स्मोकिंग छोड़ने से नींद बहुत ज्यादा या कम आएगी।
सच्चाई- ऐसा नहीं है कि स्मोकिंग छोड़ने से नींद बहुत ज्यादा या कम आएगी। स्मोकिंग छोड़ने से निकोटिन की मात्रा कम हो जाती है जिससे आपको बेचैनी सी महसूस होती है। लेकिन लंबे समय में आप सिगरेट छोड़कर ज्यादा एक्टिव महसूस करते हैं। इससे आपका स्लीप पैटर्न भी अच्छा होता है।
मिथक- लाइट या ई सिगरेट पीने से कोई नुकसान नहीं होता है।
सच्चाई- लाइट सिगरेट हो या स्ट्रॉंग सिगरेट या कोई फ्लेवर्ड सिगरेट, ये सभी केमिकल जेनरेट करती हैं। ये सारी तरह की सिगरेट उतनी ही नुकसान करती है। ये सभी तरह की सिगरेट कैंसर का कारक हो सकती हैं। आपके लंग्स को बुरी तरह प्रभावित करती हैं।
मिथक- धूम्रपान की आदत छोड़ने के लिए अब देरी हो चुकी है।
सच्चाई- धूम्रपान करने के लिए कभी लेट नहीं होता है। आप किसी भी स्टेज पर सिगरेट पीना बंद कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ स्ट्रॉंग विल पॉवर चाहिए। अंदर से खुद को मजबूत बनाएं और ठान लें कि अब बस इस आदत को छोड़ना है।
मिथक- तंबाकू से कम नुकसान करती है सिगरेट।
सच्चाई- सिगरेट के अंदर भी तंबाकू होता है जो आपको उतना ही नुकसान पहुंचाता है। तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में शरीर के लिए हानिकारक ही है। इससे कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
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