A
Hindi News गुजरात बारिश के पानी के संचयन को लेकर सरकार ने क्या-क्या किया? सांसद परिमल नाथवानी ने सदन में उठाए सवाल, मंत्री ने दिया जवाब

बारिश के पानी के संचयन को लेकर सरकार ने क्या-क्या किया? सांसद परिमल नाथवानी ने सदन में उठाए सवाल, मंत्री ने दिया जवाब

गर्मी बढ़ते ही देश के कई हिस्सों में पानी की किल्लत हो जाती है। मानसून आते ही देश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं। बारिश के पानी का संचयन करने के लिए सरकार क्या-क्या काम कर रही है? सांसद परिमल नाथवानी ने ये सवाल किया था।

बारिश के पानी के संचयन को लेकर संसद में सवाल- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO बारिश के पानी के संचयन को लेकर संसद में सवाल

बारिश के पानी के संचयन का मुद्दा एक बार फिर संसद में उठा है। सरकार ने बारिश के पानी के संचयन को लेकर क्या-क्या काम किए है? ये सारी जानकारी राज्यसभा में दी गई है। केंद्र सरकार ने पिछले तीन सालों में बारिश के पानी का संचयन के लिए जल शक्ति अभियान के तहत गुजरात को कुल 4,369 करोड़ रुपये दिए हैं। केंद्र ने अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT 2.0) के तहत गुजरात के लिए जल निकाय कायाकल्प परियोजनाओं के लिए 651 करोड़ रुपये की लागत वाली 188 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 

सांसद परिमल नाथवानी ने सदन में उठाया ये मुद्दा

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के वाटरशेड विकास घटक के तहत केंद्र ने पिछले तीन से अधिक सालों में गुजरात के लिए कुल 218 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह जानकारी जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने सोमवार को राज्यसभा में दी है। सांसद परिमल नाथवानी द्वारा उठाए गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए ये जानकारी राज्यसभा में दी गई है।

15,848 वाटरशेड लगाए जाने का किया गया काम

संसद में मंत्री ने यह भी कहा कि 2024 में जल शक्ति अभियान के तहत कैच द रेन कार्यक्रम के तहत गुजरात में 2,855 जल संरक्षण और बारिश के पानी के संचयन का काम पूरा किया गया। 3,305 पारंपरिक जल निकायों का जीर्णोद्धार किया गया। 6,009 पुनर्भरण संरचनाएं स्थापित की गईं और 15,848 वाटरशेड लगाए जाने का काम किया गया है। 

Image Source : INDIA TVसासंद परिमल नाथवानी

शहरी स्तर पर किए गए कामों का सांसद ने मांगा लेखा-जोखा 

बात दें कि सांसद परिमल नाथवानी ने बारिश के पानी संचयन को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण और शहरी स्तर पर किए गए कामों का लेखा-जोखा मांगा था। साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित धन और बारिश के पानी संचयन को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को कोई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं या नहीं इसको लेकर भी सवाल किया था।

बारिश के पानी का संचयन करना सरकार की पहली प्राथमिकता

संसद में जल शक्ति मंत्री के बयान के अनुसार, बारिश के पानी के संचयन के माध्यम से जल संरक्षण सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। केंद्र सरकार तकनीकी और वित्तीय सहायता के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों को पूरक बनाती है, क्योंकि जल एक राज्य का विषय है। 

3,543 जलापूर्ति परियोजनाओं को दी गई मंजूरी

मंत्री ने बताया कि अटल कायाकल्प एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) और अमृत 2.0 मिशन के लिए स्वीकृत योजना आकार 77,650 करोड़ रुपये में से 39,011 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण राशि जलापूर्ति क्षेत्र के लिए आवंटित की गई है। अब तक आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा लगभग 1,13,358.44 करोड़ रुपये की लागत वाली 3,543 जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा मंत्री ने कहा कि अमृत 2.0 के तहत आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 5432.21 करोड़ रुपये की लागत वाली 2,713 जल निकाय कायाकल्प परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।