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लकड़ी का कारोबार करते करते फोन बनाने लगी नोकिया, जाने कैसे

नई दिल्ली: दुनियाभर के लोगों को अपने ब्रांड के फोन का दीवाना बनाने वाली फिनलैंड की कंपनी नोकिया अब 150 बरस की हो चुकी है। हैरान मत होइए कंपनी 150 बरस से फोन नहीं बना

150 बरस की हो गई नोकिया,...- India TV Hindi 150 बरस की हो गई नोकिया, पांच किलो का था पहला फोन

नई दिल्ली: दुनियाभर के लोगों को अपने ब्रांड के फोन का दीवाना बनाने वाली फिनलैंड की कंपनी नोकिया अब 150 बरस की हो चुकी है। हैरान मत होइए कंपनी 150 बरस से फोन नहीं बना रही है। फोन के कारोबार में कूदने से पहले नोकिया लकड़ी के कारोबार से जुड़ी हुई थी। आपको बता दें कि कंपनी ने अपना पहला फोन 1884 में बनाया था। जानकारी के मुताबिक कंपनी के इस पहले उत्पाद का वजन करीब 5 किलो का था। चलिए हम आपको कंपनी के अब तक के सफर के बारे में बताते हैं।

कुछ ऐसे शुरू हुआ सफर-  

दक्षिण-पश्चिमी फिनलैंड के तांपेरे शहर में कंपनी ने लकड़ी की एक फैक्ट्री लगाई थी। जहां लकड़ी की लुगदी का काम होता था। यह फैक्ट्री जिस जगह पर थी वहां नोकिंविरता नदी बहती थी। उसी के नाम पर कंपनी का नाम नोकिया रखा गया। आज के समय में यह जगह टॉउन ऑफ नोकिया के नाम से जानी जाती है। क्या आप जानते हैं कि फोन दिग्गज इस कंपनी ने साल 1884 में अपना पहला फोन बनाया था। कंपनी का पहला फोन मोबिरा टॉकमैन नाम से लॉन्च हुआ था और इस फोन का वजन पांच किलो था। आमतौर पर सैनिकों के काम आने वाला यह फोन नोकिया की पहचान बनाने में सफल रहा था।

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